आवश्यक आर्हताएं :-
1- वह - युवा ऊर्जावान एवं खेल प्रेमी होना चाहिए ।
2- उम्र - 40 वर्ष से कम - अजा/अजजा/अ.पि.वर्ग/खिलाड़ी/भूतपूर्व सैनिक के लिए 45 वर्ष
3- वह ग्रामीण क्षेत्र में नियोजित या स्वनियोजित होना चाहिए ।
4- ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों के साथ कार्य करने का सही दृष्टिकोण एवं कार्य करने की भावना होनी चाहिए।
5- कम से कम 10 + 2 शैक्षणिक योग्यता/स्नातक को प्राथमिकता
6- संचार कौशल का ज्ञान होना चाहिए ।
वांछनीय आर्हताएं :-
1- जिला/राज्य/राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिनिधित्व ।
2- ग्रामीण क्षेत्रों में शारीरिक शिक्षा एवं खेल पृष्टभूमि में व्यक्तिगत कार्य ।
3- ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा एवं खेल का शिक्षक
4- भूतपूर्व सैनिक जो खिलाड़ी हो।
क्रीड़ाश्री की भूमिका एवं उत्तरदायित्व :-
1- खेल मैदानों का रखरखाव एवं उन्नयन
2- खेल गतिविधियों में भाग लेने हेतु ग्रामीण खिलाडियों को प्रोत्साहित करना।
3- खिलाडियों को सामान्य खेल अभ्यास कराना।
4- खेल उपकरण/सामग्री की उपलब्ध निश्चित करना ।
5- पायका केन्द्र का पर्यवेक्षण ।
6- पायका से एवं ब्लाक पंचायत स्तर से संबंधित अधिकारियों से निरंतर सम्पर्क ।
7- विभिन्न प्रतियोगिताओं में खिलाडियों के साथ भागीदारी ।
क्रीड़ाश्री के लिए विशेष प्रावधान :-
1- यदि क्रीड़ाश्री प्रशिक्षक के लिए आवश्यक शैक्षणिक उपाधि प्राप्त है, तो वह संबंधित खेल के विशेष
प्रशिक्षण हेतु खिलाडियों से शुल्क प्राप्त कर सकेगा ।
2- शुल्क की राशि ग्राम पंचायत/ब्लाक पंचायत स्तर समिति द्वारा निर्धारित होगी ।