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RTI Manual

सूचना का अधिकार अधिनियम 2005

खेल एवं युवा कल्याण विभाग मैनुअल

 

प्रस्तावना:

                    जनतंत्र की आवश्यकता होती है कि वहां जानकार नागरिक हों एवं पारदर्शक तथा जवाबदेह प्रशासन हो । इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 लागू किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य सभी सरकारी संस्थाओं के कार्यकलापों को पारदर्शी करना एवं जवाबदेही का निर्धारण करना है।

                    इस वेबसाईट का उद्देश्य सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के  क्रियान्वयन हेतु जन सामान्य को खेल एवं युवा कल्याण विभाग की गतिविधियों एवं विभागीय क्रियाकलापों को पारदर्शी बनाने हेतु निर्धारित प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराना है ।

                    यह हस्त पुस्तिका जनसामान्य के लिए विशेष रूप से खेल गतिविधियों में रूचि रखने वाले व्यक्तियों/संस्थाओं के लिए उपयोगी है। इस हस्त पुस्तिका में विभाग द्वारा विभिन्न खेल संगठनों एवं खिलाडि़यों को दी जाने वाली मान्यता, आर्थिक सहायता, पुरस्कार, वृत्ति, आयोजनों के व्यय एवं सुविधाओं के संबंध में विभागीय प्रक्रिया एवं नियमों की जानकारी दी गई है।

 

मैनुअल :

1- खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्य एवं कर्तव्य -

                   शैक्षणिक संस्थाओं की खेल एवं युवा गतिविधियों से पृथक, समाज में संघ/संस्थाओं के माध्यम से खेल  एवं युवा गतिविधियों को प्रोत्साहन
  देने का कार्य विभाग द्वारा किया जाता है ।

  निम्नांकित गतिविधियों का क्रियान्वयन विभाग द्वारा किया जाता है ।

1.  खेल संघ एवं संस्थाओं को अनुदान

2.  खेल पुरस्कारों का अलंकरण एवं विभिन्न खेल प्रोत्साहन की स्वीकृति

3.  अधोसंरचना निर्माण हेतु अनुदान/स्वीकृति

4.  खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन

5.  खेल प्रशिक्षण शिविर का आयोजन

6.  सांस्कृतिक एवं युवा गतिविधियों का आयोजन

7.  राष्ट्रीय खेल आयोजनों में राज्य के खिलाडि़यों को भागीदारी हेतु भेजना

8.  खेल सामग्री/उपकरणों का क्रय

 

2. अधिकारियों व कर्मचारियों के अधिकार व कर्तव्य-

  • -   खेल एवं युवा कल्याण विभाग में विभागाध्यक्ष का कार्यालय रायपुर में स्थित है ।विभागाध्यक्ष कार्यालय के      अधीनस्त प्रत्येक राजस्व जिले में जिला
         कार्यालय है ।
  • -   विभाग के विभागाध्यक्ष - संचालक खेल एवं युवा कल्याण है एवं प्रत्येक जिले में खेल विभाग के लिए जिला   कार्यालय प्रमुख, पुलिस      अधीक्षक है ।
        तहसील एवं  विकासखण्ड मुख्यालयों पर विभागीय कार्यालय नहीं है ।उपरोक्त 
        अधिकारियों के अधिकार एवं कर्तव्य निम्नांकित है :-
  •     संचालक, खेल एवं युवा कल्याण छ्त्तीसगढ, विभागाध्यक्ष

 

शक्तियां :

(अ) प्रशासकीय शक्तियां

  • -  विभागाध्यक्ष की समस्त प्रशासकीय शक्तियां
  •  

(ब) वित्तीय शक्तियां

  • -  विभागीय मान्यता एवं आर्थिक सहायता नियम 2007 के तहत संस्थाओं को विभागीय मान्यता एवं अनुदान की स्वीकृति ।
  • -  प्रोत्साहन नियम 2005 के तहत विभिन्न प्रोत्साहनों की स्वीकृतिया
  • -  वित्तीय शक्ति पुस्तिका में प्रदत्त अधिकारों के तहत विभिन्न वित्तीय स्वीकृतियां

 

कर्तव्य :

  1.  नियमों के परिपालन में स्वीकृतियां जारी करना तथा खेल तथा युवा गतिविधियों के उन्नयन हेतु नई योजनाएं बनाकर शासन के अनुमोदन से 
    क्रियान्वित करना ।
  2.  पुलिस अधीक्षक - (जिला कार्यालय, खेल एवं युवा कल्याण विभाग)

 

प्रमुख शक्तियां :

  • (अ) प्रशासकीय शक्तियां- पुलिस अधीक्षक के अधीनस्त खेल एवं युवा कल्याण विभाग के विभागीय कर्मचारियों के निलंबन के अधिकार को छोड़कर जिला
         स्तरीय कार्यालय प्रमुख की समस्त प्रशासकीय शक्तियां

 

वित्तीय शक्तियां :

  • (ब) विभागीय आबंटन के व्यय की स्वीकृति जारी करने का अधिकार- विभागाध्यक्ष कार्यालय से जारी की गई विभिन्न  आर्थिक सहायता की स्वीकृति के
         देयक में प्रति हस्ताक्षर कर कोषालय से आहरण एवं हितग्राहियों को भुगतान की शक्तियां

 

  • कर्तव्य : खेल संघ/संस्थाओं/खिलाडियों के आवेदन पत्रों पर नियमानुसार उचित टीका कर विभागाध्यक्ष कार्यालय आग्रेषित करना तथा प्राप्त स्वीकृतियों
        का लाभ हितग्राहियों को प्रदान करना ।